डेंगू में चावल खा सकते हैं क्या?HealthPlanet

Posted on Sat 3rd Dec 2022 : 16:52

डेंगू में चावल का सेवन हो सकता है खतरनाक
डेंगू फीवर होने का खतरा हर मौसम में रहता है। मादा मच्छर एडीज एजिप्टी के काटने की वजह से ही डेंगू फैलता है। डेंगू होने पर ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या काफी कम होने लगती है। डेंगू होने पर मांसपेशियों में दर्द, स्किन पर रैशेज, तेज बुखार, जोड़ो और सिर में दर्द आदि लक्षण दिखने लगते हैं। डेंगू की समस्या होने पर दवाइयों के साथ-साथ डाइट का भी खासा ध्यान रखना चाहिए। जिससे सही डाइट फॉलो करके डेंगू से जल्द से जल्द सही रिकवर किया जा सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डेंगू में चावल खाना चाहिए या नहीं। आइए जानते हैं कि डेंगू में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार डेंगू फीवर होने आपको अपने आहार में हल्का भोजन ही शामिल करना चाहिए। डेंगू होने पर आप दोपहर के समय अपने भोजन में चावल का सेवन कर सकते हैं। चावल में मौजूद पोषक तत्व डेंगू में होने वाली कमजोरी से छुटकारा दिलाते हैं। लेकिन रात के समय आपको चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।

डेंगू फीवर होने पर अंडे का सेवन भी किया जा सकता है। लेकिन बेहतर होगा कि आप इसके पीले हिस्से को हटाकर ही खाएं। क्योंकि इसमें हाई प्रोटीन होता है जिससे पाचन में परेशानी हो सकती है। अंडे के सफेद भाग का सेवन भी सीमित मात्रा में करना चाहिए।

डेंगू के समय पपीते की पत्तियों का सेवन करने की सलाह भी दी जाती है। साथ ही इस दौरान स्नैक्स के रूप में पपीते का सेवन भी कर सकते हैं। पपीते में काइमोपपैन और पपैन जैसे एंन्जाइम होते हैं। जो कि ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाने में मदद करते हैं। लेकिन शाम के वक्त फलों का सेवन नहीं करना चाहिए।

डेंगू में हल्के फुल्के आहार लेना ही जरूरी होता है। जिससे शरीर में एनर्जी बनी रहती है। इसमें आप खिचड़ी या अन्य हल्के-फुल्के आहार के साथ दही का सेवन कर सकते हैं। दही में मौजूद कैल्शियम आपके शरीर की कमजोरी को दूर करता है। लेकिन रात के समय दही नहीं खाना चाहिए। इससे आपकी परेशानी बढ़ सकती है।

डेंगू फीवर होने पर बकरी का दूध पीने की सलाह दी जाती है। बकरी के दूध में फोलेट बाइंड अवयव की मात्रा अधिक होती है। जो कि फोलिक एसिड नामक आवश्यक विटामिन होता है। यह डेंगू रोगियों के लिए काफी जरूरी होता है। बकरी के दूध में प्रोटीन ज्यादा जटिल नहीं होते हैं। इसे पचाने में काफी आसानी होती है। अगर बकरी का दूध उपलब्ध नहीं है तो टोंड मिल्क या काऊ मिल्क मलाई उतरा हुआ इस्तेमाल कर सकते हैं। इन सबके अलावा आप अपनी डाइट में अधिक से अधिक तरल पदार्थों को शामिल करना चाहिए। डॉक्टर के निर्देशों को फॉलो करने के साथ-साथ आपको खूब सारा पानी पीते रहना चाहिए।

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